पहली बारिश की तरह दिल को भिगा वो गई
पहली अज़ाँ की तरह मुझको जगा वो गई
आवारी, आवारी, वो पूरी आवारी
आवारी, आवारी, वो पूरी आवारी
ख़ुशबू सारी क़ुदरत लेकर वो ऐसे फिरती
जैसे कि हो ख़ुद एक हवा महकी
आवारी, आवारी, वो पूरी आवारी
आवारी, आवारी, वो पूरी आवारी
गीली मिट्टी की तरह यादें जगा वो गई
बदले मौसम की तरह धड़कन बढ़ा वो गई
आवारी, आवारी, वो पूरी आवारी
आवारी, आवारी, वो पूरी आवारी
मेरी ज़मीं, मेरा आसमाँ, दोनों नया कर गई
मुस्काते होंठों से ही रोशन जहाँ कर गई
रूखा-रूखा दिल का मौसम वो ख़ुशनुमा कर गई
हर ग़म, हर दर्द मेरा वो गुमशुदा कर गई
Hmm, कोने में दिल के कहीं कमरा बना वो गई
आवारी, आवारी, वो पूरी आवारी
आवारी, आवारी, वो पूरी आवारी
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