महबूबा, ऐ, महबूबा
महबूबा, ऐ, महबूबा
महबूबा, ऐ, महबूबा
गुलशन में गुल खिलते हैं
जब सहरा में मिलते हैं...
गुलशन में गुल खिलते हैं
जब सहरा में मिलते हैं मैं और तू
महबूबा, ऐ, महबूबा
महबूबा, ऐ, महबूबा
गुलशन में गुल खिलते हैं
जब सहरा में मिलते हैं...
गुलशन में गुल खिलते हैं
जब सहरा में मिलते हैं मैं और तू
फूल-बहारों से निकला
चाँद-सितारों से निकला...
फूल-बहारों से निकला
चाँद-सितारों से निकला दिन डूबा
महबूबा, ऐ, महबूबा
महबूबा, ऐ, महबूबा
गुलशन में गुल खिलते हैं
जब सहरा में मिलते हैं...
गुलशन में गुल खिलते हैं
जब सहरा में मिलते हैं मैं और तू
हुस्न-ओ-इश्क़ की राहों में
बाँहों में, निगाहों में...
हुस्न-ओ-इश्क़ की राहों में
बाँहों में, निगाहों में दिल डूबा
महबूबा, ऐ, महबूबा
महबूबा, ऐ, महबूबा
गुलशन में गुल खिलते हैं
जब सहरा में मिलते हैं...
गुलशन में गुल खिलते हैं
जब सहरा में मिलते हैं मैं और तू
महबूबा, ऐ, महबूबा
महबूबा, ऐ, महबूबा
महबूबा, ऐ, महबूबा
महबूबा, ऐ, महबूबा
Comments (0)