लम्हा-लम्हा जलते रहे
हाँ, इस प्यार में
गिरते-सँभलते चलते रहे
हाँ, इस प्यार में
कभी तुम जैसे ज़हर
कभी तुम ज़िंदगी
कभी तुम शब-ए-क़हर
और कभी रोशनी
मिलके चैन से साथ रह ना सके
और जुदाई भी सह ना सके
लम्हा-लम्हा जलते रहे
हाँ, इस प्यार में
गिरते-सँभलते चलते रहे
हाँ, इस प्यार में
एक पल अंजान हो
एक पल मेरी जान हो
एक पल उलझन सी हो
एक पल आसान हो
इक-दूजे को हम सुलझाते रहे
पर कभी भी समझ ना सके
लम्हा-लम्हा जलते रहे
हाँ, इस प्यार में
गिरते-सँभलते चलते रहे
हाँ, इस प्यार में
लम्हा-लम्हा जलते रहे (जलते रहे)
हाँ, इस प्यार में (हाँ)
गिरते-सँभलते चलते रहे (चलते रहे)
हाँ, इस प्यार में
लम्हा-लम्हा जलते रहे (हाँ)
हाँ, इस प्यार में (इस प्यार में)
गिरते-सँभलते...
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